देहरादून। उत्तराखंड में शराब तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों (जनवरी से जून) में व्यापक अभियान चलाते हुए शराब माफिया की कमर तोड़ने का दावा किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में 1,228 आबकारी अभियोग दर्ज किए गए, जबकि 1.12 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 27 वाहनों को भी सीज किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आबकारी विभाग ने इस वर्ष अवैध शराब के नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाए रखा। आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक कार्रवाई देहरादून, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार जिलों में देखने को मिली। देहरादून में 241 मामले दर्ज किए गए। जिसमें से आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट ने अकेले 147 से ज्यादा अभियोग दर्ज किए।। जनपद में भारी मात्रा में अंग्रेजी, देशी, बीयर और कच्ची शराब बरामद की गई। बरामद शराब का कुल मूल्य लगभग 24.62 लाख रुपये आंका गया तथा 12 वाहन भी पकड़े गए, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक हैं। जबकि हरिद्वार जहां 243 मुकदमे दर्ज हुए। यहां से बड़ी मात्रा में अवैध शराब के साथ-साथ कच्ची शराब भी बरामद की गई। बरामद शराब का मूल्य करीब 17.99 लाख रुपये रहा और 7 वाहनों को जब्त किया गया। वहीं ऊधमसिंहनगर में 343 अभियोग दर्ज कर विभाग ने सर्वाधिक मुकदमे दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया। यहां बीयर और कच्ची शराब की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता मिली तथा कुल बरामदगी का मूल्य लगभग 34.41 लाख रुपये दर्ज किया गया।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी कार्रवाई जारी रही। नैनीताल में 134, पौड़ी गढ़वाल में 61, अल्मोड़ा में 42, उत्तरकाशी में 40, पिथौरागढ़ में 32 और चमोली में 27 मुकदमे दर्ज किए गए। इन जिलों में भी अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए हजारों लीटर शराब और कच्ची शराब बरामद की गई। हालांकि कुछ जिले ऐसे भी रहे जहां कार्रवाई अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। बागेश्वर में केवल 9, टिहरी गढ़वाल में 14, चंपावत में 19 और रुद्रप्रयाग में 23 मामले दर्ज हुए। इन जिलों में आबकारी विभाग की कार्रवाई के आंकड़े अन्य जिलों की तुलना में काफी कम रहे, जिसको लेकर सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इन क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार कम है या फिर कार्रवाई की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। प्रदेश स्तर पर यदि बरामदगी की बात करें तो छह महीनों में करीब 29,561 लीटर अपमिश्रित शराब, 3,998 लीटर विदेशी शराब, 3,615 लीटर देशी मदिरा, 525 लीटर बीयर तथा 21,432 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। विभाग ने इन सभी की कुल कीमत 1 करोड़ 12 लाख 4 हजार 786 रुपये से अधिक आंकी है। यह आंकड़ा बताता है कि अवैध शराब का कारोबार अभी भी बड़े स्तर पर सक्रिय है, लेकिन विभाग लगातार उस पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए पूरे प्रदेश में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शराब तस्करों और अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और संभावित तस्करी वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी अभियान इसी तरह जारी रहेगा। आबकारी विभाग समन्वय बनाकर संयुक्त कार्रवाई करेगा ताकि अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। विभाग का मानना है कि लगातार कार्रवाई से न केवल राजस्व की हानि रुकेगी, बल्कि जहरीली और अवैध शराब के कारण होने वाली घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। छह महीनों के ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि उत्तराखंड में शराब माफिया के खिलाफ आबकारी विभाग ने अभियान तेज किया है।

