देहरादून में शातिर साइबर ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक फर्जी वीडियो का सहारा लेकर शास्त्रीनगर निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग सुदर्शन सिंह रावत से करीब 30 लाख रुपये की मोटी रकम ठग ली।
पीड़ित बुजुर्ग ने फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का एक विज्ञापन देखा था, जिसमें प्रामाणिकता दिखाने के लिए वित्त मंत्री की छवि का दुरुपयोग किया गया था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने विज्ञापन में बताई गई फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर लिया, जिसके बाद उन्हें यूके के नंबरों से कॉल आने लगीं।
ठगों ने शुरुआत में एडवाइजर बनकर उनसे मात्र 200 डॉलर का निवेश कराया और फिर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उनसे अलग-अलग किश्तों में कुल 21,700 डॉलर (करीब 30 लाख रुपये) जमा करवा लिए।
फर्जी वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर उन्हें अपना मुनाफा और रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन जब 23 अप्रैल को अचानक उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया और उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो केवल 50 डॉलर ही वापस आए। ठगों ने अकाउंट अनफ्रीज करने के नाम पर और पैसों की मांग की, जिससे शक होने पर पीड़ित ने जब जांच की तो पता चला कि वह कंपनी पूरी तरह फर्जी है और भारतीय रिजर्व बैंक में पंजीकृत भी नहीं है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी भी निवेश से पहले वेबसाइट के डोमेन और यूआरएल की सत्यता अवश्य जांचें और ठगी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।

