उत्तराखंड के मदरसों में चंदे का धंधा, बिहार से दून लाए जा रहे सैकड़ों यतीम बच्चे

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड में इन दिनों कुछ ऐसे मामले सामने आए जिससे सबकी चिंताएं बढ़ने लगी की कहीं इन घटनाओं के पीछे कोई बड़ा खेल तो नहीं। दरअसल मुस्लिम समुदाय से जुड़ा हुआ यह मामला तब गंभीर हो गया जब बिहार से सैकड़ो बच्चे देहरादून पहुंचे और उनसे जब यहां आने का कारण पूछा गया तो पता लगा कि कई मदरसा संचालक उन्हें अपने मदरसों में तालीम दिलवाने के लिए ला रहे हैं।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में जल संरक्षण पर 2 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए जुटे 400 वैज्ञानिक

ऐसे में इस बात की पुष्टि और जानकारी के लिए उत्तराखंड बफ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सोची समझी साजिश है जो कहीं ना कहीं देवभूमि की डेमोग्राफी को बदलने की भी हो सकती है सरकार ने यहां बोर्ड को भंग करने का निर्णय लिया है और अब उत्तराखंड के रजिस्टर्ड मदरसों में जो भी शिक्षा दी जाएगी वह समान शिक्षा के अनुरूप होगी।

यह भी पढ़ें -  Haridwar News: कुंभ मेला 2027 के लिए 8,029 मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन जारी

बावजूद इसके कई मदरसा संचालक चंदे का धंधा चलाने के लिए दूसरे राज्यों से यतीम बच्चों को तालीम के नाम पर ला रहे हैं, वक्फ बोर्ड ने भी इसका संज्ञान लिया है, वहीं सरकार भी इस ओर कई कड़े प्रावधान करने जा रही है। ऐसे मदरसों को तुरंत बंद कर दिया जाएगा जिनमें समान शिक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी।

यह भी पढ़ें -  हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में CM धामी का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- 'राजनीतिक फायदे के लिए फैलाया जा रहा भ्रम'

साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले यह प्राथमिकता रहेगी की उत्तराखंड के मदरसों में सिर्फ उत्तराखंड के बच्चों को ही दाखिला मिले। चूंकि अन्य प्रदेशों में भी उनके अपने मदरसे हैं लिहाजा वह अपने प्रदेश के बच्चों को वहीं तालीम दें।