पश्चिम एशिया संकट के चलते दुनिया के तकरीबन हर मुल्क पर कुछ न कुछ असर पड़ रहा है। दुनिया अमन चैन चाहती है मगर उसकी गुजाइंश अभी कम ही दिखाई दे रही है। अमेरिका की जिद ने ईरान को अड़ियल सा बना दिया है। तनातनी के इस माहौल के बीच भारत जैसे देश पसोपेश में हैं।
विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने की जुगत में लगे पीएम मोदी जनता से फिजूल खर्ची रोकने की अपील कर रहे हैं। ताकि आयात पर निर्भरता कम से कम हो और मौजूद संसाधन ज्यादा से ज्यादा चल सकें। ऐसे माहौल में आभास हो रहा था कि देश के भीतर डीजल-पेट्रोल समेत दूसरे पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ सकती है।
उस पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के बयान से मुहर लग गई है। हालांकि कब तक दाम बढ़ेगे इसका कोई जिक्र नहीं किया गया है लेकिन पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने दो टूक कह दिया है कि,” ईधन के दामों को हमेशा बढ़ने से रोका नहीं जा सकता।”
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने इस बीच तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए कहा कि, “तेल कंपनिया हर दिन एक हजार करोड़ रूपए का नुकसान उठा कर तेल आपूर्ति कर रही हैं। ऐसे में तेल कंपनियां कब तक घाटा उठाएंगी ।“
पुरी के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि, अब जल्द ही तेल और गैस की कीमत बढ़ जाएगी।
हालांकि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने दाम बढ़ाने की तारीख का कोई ऐलान फिलहाल नहीं किया है। फिर भी माना जा रहा है कि तेल कंपनियां अपना घाटा पूरा करने के लिए तेल के दाम धीरे-धीरे बढ़ाएंगी ताकि जनता का बजट एकदम से न बिगड़े। बताया जा रहा है कि भारत के पास इस वक्त सिर्फ 60 दिनो का ही कच्चा तेल है।
जबकि दो माह के लिए एलएनजी और तकरीबन डेढ माह के लिए एलपीजी का स्टॉक। हालांकि एलपीजी के घरेलू उत्पादन में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में सबकी निगाहे ईरान और आमेरिका के बीच जारी तकरार पर टिकी है ताकि हालात सामान्य हों और चैन ओ सुकून के साथ जिया जा सके।

