वैश्विक बाजारों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय मुद्रा में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जहां मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे लुढ़ककर 95.68 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष और इसके परिणामस्वरूप तेल एवं गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने मुद्रा बाजार पर दबाव और अधिक बढ़ा दिया है।
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