उत्तराखंड में मानसून को लेकर धामी सरकार ने कसी कमर, सख्त निर्देश हुए जारी

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आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने और आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता तैयारियां रखने के कड़े निर्देश दिए।

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मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारी बारिश के मद्देनजर राज्य में 24 घंटे सक्रिय रहने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपदा या भूस्खलन की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। जनता को जलभराव और आवागमन में असुविधा न हो, इसके लिए सभी छोटी-बड़ी नहरों, ड्रेनेज सिस्टम और नालियों की समयबद्ध सफाई के निर्देश दिए गए हैं।

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इसके साथ ही, विभाग ने मानसून से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान को प्राथमिकता दी है, जिसके तहत लक्ष्य से आगे बढ़कर रिकॉर्ड 3,968 सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। पहाड़ी और संवेदनशील रास्तों पर भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी, पोकलैंड और डंपर जैसी भारी मशीनों को पहले से ही तैनात कर दिया गया है।

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सतपाल महाराज ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि यदि मुख्य मार्ग बंद होते हैं, तो यातायात को सुचारू रखने के लिए तुरंत वैकल्पिक मार्गों को चालू किया जाए, ताकि चारधाम यात्रियों और स्थानीय निवासियों को कोई परेशानी न हो।

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