“मानसून में देरी हुई तो किसानों को मिलेंगे सूखा सहनशील बीज”-कृषि मंत्री गणेश जोशी

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उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा है कि राज्य सरकार मानसून में देरी या वर्षा की कमी से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, और इसके लिए ‘कृषि आकस्मिकता योजना’ को अंतिम रूप दे दिया गया है।

कृषि मंत्री ने यह बात केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक के दौरान कही। इस बैठक में मानसून की संभावित देरी या कम बारिश की स्थिति में किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि उत्पादन को प्रभावित होने से बचाने के लिए आकस्मिक उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।

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मंत्री जोशी ने बताया कि उत्तराखंड कृषि विभाग ने विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों और कृषि विशेषज्ञों के सहयोग से राज्य के सभी जिलों के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है, जिसमें पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि किसानों को कोई कठिनाई न हो।

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मानसून में देरी होने की स्थिति में किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली तथा सूखा सहनशील फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, पर्वतीय क्षेत्रों की पारंपरिक फसलों जैसे मंडुवा, झंगोरा, गहत, भट्ट, राजमा और तिल के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

कृषि मंत्री ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे कृषि विभाग द्वारा जारी वैज्ञानिक सलाह का पालन करें और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर 18001801551 पर कॉल कर सकते हैं। इस बैठक में कृषि निदेशक दिनेश कुमार और उद्यान निदेशक डॉ. आर.के. सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।