उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का उत्तराखंड राज्य के कायाकल्प पर फोकस है। खेत खलिहान से लेकर शहरों के विकास तक। उम्रदराज तबके से लेकर युवा नौजवान तक किसी को भी सीएम धामी निराश नहीं करना चाहती। सीएम धामी के दौर में राज्य में ‘हुनरमंद उत्तराखंड’ विजन को धार दी जा रही है। ताकि राज्य का नौजवान स्किल्ड हो वो सड़कों पर बेरोजगार नहीं बल्कि युवा होते ही अपने परिवार के लिए कमाऊ पूत साबित हो सके।

बीते 19 जून को देहरादून के सहसपुर में ‘स्किल हब’ में राज्य के नौजवानों को हुनर मंद बनाने के लिए 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं समर्पित की गईं। राज्य के कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर के साथ इन सुविधाओं का लोकार्पण किया।

यहां स्किल हब में ₹9.72 करोड़ का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाया गया है। जहां Philips और Schneider Electric (श्र्नाइडर इलैक्ट्रिक) जैसी ग्लोबल कंपनियां राज्य के काबिल नौजवानों के हुनरमंद बनाएंगी। ताकि राज्य के युवा मौजूदा दौर की इंडस्ट्री के काबिल बन सकें। यहां रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, स्मार्ट इलेक्ट्रिकल जैसे हाई-टेक कोर्स सिखाए जाएंगे। राज्य के पहाड़ी जिलों के युवा अगर यहां सीखने आएंगे तो उन्हें खाने रहने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि यहां 40 छात्रों के लिए हॉस्टल भी बनाया गया है।

इतना ही नहीं धाकड़ धामी राज में युवाओं को कौशल विकास मंत्रालय के विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के तहत विदेशी भाषा जापानी, फ्रेंच, स्पेनिश और अरबी समेत तमाम दूसरी भाषा भी सिखाई जा रही है ताकि देश की सरहदों के पार भी उत्तराखंड के काबिल नौजवानो को रोजगार हासिल हो सके।

इसके नतीजे भी मिले हैं कई युवा विदेशी भाषा सीखकर रोजगार के लिए विदेश जा चुके हैं।सूबे के कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा कहते हैं- “CM धामी जी के नेतृत्व में हमारा टारगेट है – शत-प्रतिशत रोजगार।” ITI और स्किल सेंटर से निकलने वाला हर युवा हुनरमंद होगा। वो सेना में अग्निवीर बन सकता है, या मल्टीनेशनल कंपनी के काबिल बन सकता है, या विदेश जा कर स्वाभिमान के साथ कमा सकता है।”

मतलब सीएम धामी का विजन साफ है कि उत्तराखंड में पलायन रोकना है तो राज्य के भीतर रोजगार के साधन विकसित करने होंगे। रोजगार तभी होगा जब युवा हुनरमंद होंगे। उम्मीद है कि आने वाले वक्त में बड़ी कंपनियों के साथ काम सीखा राज्य का हुनरमंद युवा रोजगार के लिए बाहर नहीं जाएगा बल्कि बड़े शहरों की बड़ी कंपनियां राज्य में बढ़ते काबिल युवाओं की ताकत को देखकर राज्य के भीतर आएगी रोजगार देने और अपना कारोबार चमकाने।


