उत्तराखंड में धामी सरकार ने खोला दायित्वों का पिटारा, जानें किसे क्या मिला…

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उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने दो महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर राज्य में दायित्वों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद बुधवार देर शाम गोपन विभाग की ओर से सात वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न आयोगों और परिषदों में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।

इस नए सेवा विस्तार के साथ ही अब उत्तराखंड में कुल दायित्वधारियों की संख्या बढ़कर करीब 100 तक पहुंच गई है। गौरतलब है कि धामी सरकार का यह चौथा बड़ा दायित्व वितरण है, जिससे पहले इसी साल अप्रैल के महीने में भी पार्टी नेताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इन नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठन के भीतर नेताओं को संतुष्ट करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

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दलबदली करने वाले कद्दावर नेताओं को अहम पद

इस नए दायित्व वितरण में उन प्रमुख नेताओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है जो लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। सरकार ने पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ उठाने के लिए सेतु आयोग का सलाहकार नियुक्त किया है।

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वहीं, उनके साथ ही कांग्रेस से भाजपा का दामन थामने वाले एक और कद्दावर नेता जोत सिंह बिष्ट को भी सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। इन दोनों बड़े चेहरों को अहम पदों पर बिठाकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि दल बदलने वाले वरिष्ठ नेताओं के मान-सम्मान और राजनीतिक अनुभव का संगठन में पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

मुख्य चेहरों के अलावा सरकार ने कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग बोर्ड एवं कल्याण परिषदों में समायोजित किया है। इस कड़ी में अनुराधा वालिया को माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही, राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में गंभीर सिंह धामी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शमशेर सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।

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गोरखा समुदाय के प्रतिनिधित्व को मजबूती देने के लिए ज्योति कोटिया को गोरखा कल्याण परिषद का अध्यक्ष और अभिषेक शाही को इसी परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन सभी नियुक्तियों के माध्यम से धामी सरकार ने राज्य के विभिन्न समाजों, वर्गों और क्षेत्रों को एक साथ साधने का बड़ा प्रयास किया है।

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