उत्तराखंड परिवहन विभाग अब यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर ‘तीसरी आँख’ यानी ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों के जरिए पैनी नजर रखने जा रहा है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष (2026-2027) में इन कैमरों के माध्यम से चालान काटकर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही, विभाग का उद्देश्य तकनीकी हस्तक्षेप बढ़ाकर सड़क सुरक्षा को पुख्ता करना और राज्य के खजाने को ग्रीन सेस जैसे माध्यमों से भरना है।
ANPR कैमरों का विस्तार और लक्ष्य
परिवहन विभाग राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 20 नए ANPR कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में 37 स्थानों पर ये कैमरे पहले से ही काम कर रहे हैं, जिनके माध्यम से अकेले जनवरी माह तक ही 4,11,922 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। विभाग का मानना है कि कैमरों की संख्या बढ़ने से नियम तोड़ने वालों पर लगाम लगेगी और निगरानी का दायरा भी बढ़ेगा।
ग्रीन सेस से 100 करोड़ के राजस्व की उम्मीद
विभाग केवल जुर्माने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजस्व बढ़ाने के लिए अन्य रास्तों पर भी काम कर रहा है। अनुमान है कि इस वर्ष ग्रीन सेस के माध्यम से विभाग लगभग 100 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने में सफल रहेगा। अपर परिवहन आयुक्त एस.के. सिंह ने तकनीकी और चेकिंग अभियान दोनों को तेज करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
रिपोर्ट के अनुसार, वाहन स्वामी सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक:
- हेलमेट और सीट बेल्ट: इनका इस्तेमाल न करने पर 1,10,964 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
- अन्य उल्लंघन: तेज रफ्तार, मोबाइल का प्रयोग, रेड लाइट जंपिंग और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में 53,794 चालान किए गए।
- लाइसेंस रद्द: गंभीर उल्लंघन के मामलों में 36,673 चालकों के लाइसेंस के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है।

