देहरादून। देहरादून में पुलिस ने हाई-प्रोफाइल जालसाजी का बड़ा खुलासा किया है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस रामास्वामी के बेटे यशोवर्धन को पुलिस ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी यशोवर्धन पर शहर के दो लोगों से करीब 20 लाख रुपये ऐंठने का आरोप है, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब पीड़ित अंशुल उपाध्याय ने 8 जुलाई को देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया। अंशुल का आरोप है कि यशोवर्धन ने उन्हें साईं मंदिर के पास बुलाकर एक आईपीएस अफसर के तौर पर अपना परिचय दिया और उनकी दिवंगत मां की याद में एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर 15 लाख रुपये हड़प लिए।
इस जालसाज के झांसे में केवल अंशुल ही नहीं आए, बल्कि कैनल रोड स्थित सोशल स्टेज हॉस्टल की रहने वाली डॉ. अनुषा भी इसका शिकार बनीं। आरोपी यशोवर्धन ने खुद को बड़ा पुलिस अफसर बताकर डॉ. अनुषा को रक्षा मंत्रालय में ‘डाटा साइंस कंसलटेंट’ की नौकरी दिलाने का सपना दिखाया और इसके बदले में उनसे 4.60 लाख रुपये ठग लिए।
दोहरा ठगी का मामला सामने आते ही एसपी सिटी प्रमोद कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम ने जांच की रफ्तार तेज कर दी। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी इनपुट्स की मदद से पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी यशोवर्धन को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे से दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यशोवर्धन ने कुबूल किया कि उसके पिता आईएएस (IAS) अफसर थे, जिसके कारण बचपन से ही उसे अफसरों वाला रौब और शक्तियां पसंद थीं। उसने खुद भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन असफल होने के बाद उसने रसूख पाने के लिए ठगी का यह रास्ता चुन लिया।
लोगों पर अपना प्रभाव जमाने के लिए यशोवर्धन कभी खुद को आईपीएस अधिकारी बताता तो कभी सेना और खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ (RAW) का अधिकारी होने का दावा करता था। लोग उसके बात करने के अंदाज, वर्दी और फर्जी आईकार्ड देखकर आसानी से विश्वास कर लेते थे और वह सालों से इसी तरह लोगों को बेवकूफ बना रहा था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और सुरक्षा बलों की सामग्रियां जब्त की हैं। तलाशी में उसके पास से 5 नकली आईडी कार्ड, 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और आर्मी के 25 लोगों के संपर्क सूत्र, तीन जोड़ी सेना व पैरामिलिट्री की वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद हुआ है।

