देहरादून। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी के मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां दिखने के बाद मंदिर के ही एक पूर्व अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र चौहान बदरीनाथ मंदिर के अधिकारी पद पर तैनात थे और हाल ही में 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे।
बदरीनाथ मंदिर में सामने आए इस कथित चोरी के मामले की पुलिस बेहद बारीकी से जांच कर रही है। जांच टीम को 22 जून की सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी थीं, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस अब इस पूरे मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने और इस खेल में उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, मामले की तह तक जाने के लिए 22 और 25 जून की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का गहराई से परीक्षण किया गया है। इस दौरान फुटेज में कुछ अन्य लोगों की हरकतें भी संदिग्ध पाई गई हैं, जिनके खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस इन चेहरों की पहचान कर रही है ताकि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस बीच, पुलिस ने मामले से जुड़े सबसे अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस डीवीआर में मौजूद फुटेज की तकनीकी जांच कराई जाएगी, ताकि कोई भी सबूत नष्ट न हो सके।
पुलिस प्रशासन इस सील की गई डीवीआर को अदालत में सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण सबूत के रूप में पेश करने की तैयारी में है। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच हर एक पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

