Dehradun: सहस्रधारा, गुच्चूपानी और मालदेवता में लगे हाईटेक PTZ कैमरे, कंट्रोल रूम से सीधी नजर

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देहरादून। देहरादून जिला प्रशासन ने मानसूनी आपदाओं से निपटने और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने जिले के अत्यधिक संवेदनशील आपदा क्षेत्रों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर उच्च गुणवत्ता वाले पीटीजेड कैमरे स्थापित किए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन ने सहस्रधारा, कार्लीगाढ़ और गुच्चूपानी जैसे प्रमुख संवेदनशील और पर्यटन स्थलों पर ये अत्याधुनिक कैमरे लगाए हैं। इस नई व्यवस्था से आपदा के दौरान त्वरित सूचना मिलने के साथ ही त्वरित राहत और बचाव कार्य संभव हो सकेगा, जिससे पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा मजबूत होगी।

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प्रशासन द्वारा लगाए गए इन सभी हाईटेक कैमरों की लाइव फीड सीधे जिला आपदा परिचालन केंद्र से जोड़ दी गई है। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों की टीम इन क्षेत्रों की लगातार 24 घंटे वास्तविक समय निगरानी कर रही है।

प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्रधारा, कार्लीगाढ़ और गुच्चूपानी के अलावा मालदेवता क्षेत्र में भी पीटीजेड कैमरे लगाने का काम तेजी से चल रहा है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से चौबीसों घंटे इन सभी इलाकों की बदलती स्थितियों और गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इन अत्याधुनिक पीटीजेड कैमरों की मदद से नदियों और बरसाती नालों में जलस्तर की अचानक वृद्धि तथा किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधियों की तुरंत और सटीक जानकारी मिल सकेगी। आपदा या अतिवृष्टि के समय जलस्तर में बदलाव का तत्काल आकलन किया जा सकेगा।

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तकनीक के इस प्रभावी उपयोग से किसी भी खतरे का पूर्व में ही अनुमान लगाकर समय पर चेतावनी जारी की जा सकेगी। चेतावनी जारी होने से आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव टीमों को बिना किसी समय गंवाए मौके पर तैनात कर राहत कार्य शुरू करने में आसानी होगी।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर संवेदनशील क्षेत्रों की रीयल-टाइम निगरानी करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह हाईटेक व्यवस्था अतिवृष्टि, भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने में जिला प्रशासन के लिए काफी मददगार साबित होगी।

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यह नई तकनीक न केवल आपदा प्रबंधन तंत्र और त्वरित सूचना प्रणाली को मजबूत करेगी, बल्कि देहरादून के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। कंट्रोल रूम से लगातार हो रही निगरानी के चलते किसी भी अनहोनी की आशंका को समय रहते टालने में मदद मिलेगी।

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