Uttarakhand: मानव-वन्यजीव संघर्ष पर CM धामी सख्त, AI निगरानी और मुआवजा नियम तय

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की अध्यक्षता करते हुए बड़ा फैसला लिया है। सीएम धामी ने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने, समय पर मुआवजा देने और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वन्यजीवों के हमले में जान गंवाने या घायल होने वाले लोगों और उनके आश्रितों को तय मानकों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजा राशि वितरित की जाए। इसके साथ ही, वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने का साहस दिखाने वाले आम नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।

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संरक्षण और विकास में संतुलन बनाते हुए राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने तथा अन्य नेशनल पार्कों में सड़क, आईटीबीपी (ITBP) इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने से जुड़ी विकास परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी गई। सीएम ने सख्त हिदायत दी कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण की शर्तों का शत-प्रतिशत अनुपालन होना चाहिए।

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प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें ड्रोन, कैमरा ट्रैप, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगामी हरिद्वार कुंभ के दौरान वन्यजीवों की आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों में विशेष क्यूआरटी टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में विशेष ‘टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स’ के गठन पर मुहर लगाई। इसके अलावा बाघों के प्राकृतिक आवासों, जल स्रोतों व चारागाहों के संरक्षण, वनाग्नि प्रबंधन और संरक्षित क्षेत्रों में ईको-फ्रेंडली सफारी वाहनों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।

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बैठक में वन अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ता और वन्यजीव अपराधों पर नकेल कसने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने पर सहमति बनी। इस महत्वपूर्ण बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, एडीजी ए.पी. अंशुमान सहित वन विभाग और शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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