CM धामी ने ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण, जानिए धरातल पर कैसी मिलीं व्यवस्थाएं

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण करके चारधाम यात्रा और वहां चल रही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का धरातल पर जायजा लिया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और ठहरने की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा तथा यात्रियों से खुद बातचीत करके यात्रा व्यवस्थाओं का सीधा फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी को देखते हुए कैंप में अतिरिक्त कूलरों की व्यवस्था की जाए और शुद्ध पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए भीड़ प्रबंधन को और बेहतर बनाया जाए ताकि किसी भी यात्री को पंजीकरण या अन्य सुविधाओं के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

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अपने इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के पास जाकर उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए तीर्थयात्रियों ने राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा के लिए किए गए इंतजामों की खुले दिल से सराहना की। यात्रियों ने पंजीकरण प्रक्रिया, समय पर हो रही स्वास्थ्य जांच और आवास की उत्तम व्यवस्थाओं को पूरी तरह संतोषजनक बताया।

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इस आत्मीय मुलाकात के दौरान कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को गले लगाकर अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम, सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने सभी का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित व सुखद यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

कर्मचारियों को दिया ‘अतिथि देवो भव:’ का मूलमंत्र

मुख्यमंत्री ने न केवल यात्रियों से बात की, बल्कि ट्रांजिट कैंप में दिन-रात मुस्तैदी से काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कड़कड़ाती और बढ़ती गर्मी के इस मौसम में सभी कर्मचारियों को सबसे पहले अपने स्वयं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी ताकि वे पूरी ऊर्जा के साथ देश भर से आने वाले लोगों की सेवा कर सकें।

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मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का स्वागत “अतिथि देवो भव:” की पावन और सनातनी भावना के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि यदि किसी भी तीर्थयात्री को यात्रा के दौरान कोई परेशानी या समस्या आती है, तो उसका मौके पर ही त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि वे उत्तराखंड से एक सुखद संदेश लेकर अपने घर लौटें।

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