चमोली। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर स्थित तमकनाला में अचानक आए अत्यधिक पानी आ जाने के कारण 123 बीआरटीएफ द्वारा निर्मित बेली ब्रिज पूरी तरह बह गया। इस दौरान नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन लापता हो गए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत आपदा प्रबंधन सचिव से स्थिति की रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान सर्वोच्च प्राथमिकता पर चलाने और तमकनाला के आसपास आवाजाही पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए हैं।
पुल ध्वस्त होने के कारण सीमांत गांवों का संपर्क कटने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कड़े आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में राशन, खाद्य सामग्री और दवाओं की किल्लत न हो, इसके लिए तुरंत वैकल्पिक मार्गों से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जलप्रवाह वाले संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए और सभी एजेंसियां आपसी समन्वय से कार्य करें।
प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पूरे आपदा तंत्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से चमोली सहित पूरे प्रदेश पर 24×7 नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और नाले के बहाव में बहे व्यक्ति की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करें और प्रभावित क्षेत्र से दूर रहें।

