केंद्र सरकार ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग मामले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशू गुप्ता का तुरंत तबादला कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीधे हस्तक्षेप के बाद उठाए गए इस कड़े कदम से अब यह पूरा मामला सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी में आ गया है।
इसके साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली की जांच के लिए कैबिनेट सचिवालय द्वारा एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया गया है, जिसे एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक मंत्रालय को सौंपनी होगी। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बीच, वरिष्ठ आईएएस अफसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन और वरिष्ठ नौकरशाह वरुण भारद्वाज को नया सचिव नियुक्त किया गया है।
इस पूरे घोटाले की तह तक जाने के लिए सरकार ने कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। यह समिति मुख्य रूप से ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद, टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न संदिग्ध पहलुओं की गहराई से जांच करेगी।
समिति के गठन की शर्तों से साफ संकेत मिलता है कि वह इस टेंडर को पास करने वाले और खरीद प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी, साथ ही जरूरत पड़ने पर यह समिति अन्य सरकारी विभागों और कार्यालयों के अधिकारियों की मदद भी ले सकेगी ताकि जवाबदेही पूरी तरह से तय की जा सके।
दिल्ली हाई कोर्ट में छात्र द्वारा उठाए गए गंभीर सवाल
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली पर विवाद उस समय और ज्यादा गहरा गया जब छात्र संगठन एनएसयूआई ने इस पूरी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दी।
इसी मामले में झारखंड के एक 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसदीय समिति के सामने पेश होकर 12वीं की परीक्षाओं में ऑनलाइन मार्किंग के लिए वेंडर चुनने की टेंडर प्रक्रिया पर एक बेहद विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस छात्र ने अपने प्रेजेंटेशन के जरिए ऑनलाइन मार्किंग प्रणाली की कई गंभीर कमियों को उजागर किया, जिसने संसदीय समिति को झकझोर दिया और सीबीएसई को पूरी तरह से बैकफुट पर ला दिया।
पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर बड़ा साइबर हमला
एक तरफ जहां बोर्ड इस बड़े प्रशासनिक संकट से जूझ रहा था, वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर एक बहुत बड़ा साइबर हमला करने का प्रयास किया गया। बोर्ड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पोर्टल पर अचानक भारी ट्रैफिक भेजकर इसे ठप करने के उद्देश्य से ‘डिनायल ऑफ सर्विस’ हमला किया गया, जिसमें मात्र दो मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख से अधिक हिट्स भेजे गए। इसके अलावा, हैकर्स द्वारा अवैध रूप से बोर्ड की गोपनीय फाइलों और डेटा तक पहुंचने के भी एक लाख से अधिक प्रयास किए गए, जिससे इस मामले की संवेदनशीलता और ज्यादा बढ़ गई है।

