देहरादून गढ़ी कैंट और प्रेमनगर को बड़ी सौगात, करोड़ों के बजट से मंजूर हुए 66 विकास कार्य

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देहरादून गढ़ी कैंट छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में सोमवार को प्रेमनगर और गढ़ी कैंट क्षेत्र के विकास के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर आरएस थापा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य अधिशासी अधिकारी अनंत आकाश और सदस्य विनोद पंवार भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान गढ़ी कैंट और प्रेमनगर में सड़कों का निर्माण, नालियों की मरम्मत और पार्कों के सौंदर्यीकरण समेत कुल 66 विकास कार्यों के प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाई गई है, जो करोड़ों रुपये की लागत से पूरे किए जाएंगे। इसके अलावा आम जनता की सहूलियत को देखते हुए छावनी परिषद कार्यालय के पास बने कम्यूनिटी सभागार की बुकिंग की समय सीमा को 90 दिन से बढ़ाकर अब एक साल पहले करने का निर्णय लिया गया है।

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वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रेमनगर स्थित एसके मेमोरियल अस्पताल को, जिसे साल 2022 में लीज पर दिया गया था, सुविधाएं न होने और किराया न देने के कारण पीपीपी मोड से वापस लेने का फैसला किया गया है, साथ ही वहां नए चिकित्सक की तैनाती को भी मंजूरी दे दी गई है।

डेंगू से निपटने के लिए नाला सफाई के विशेष इंतजाम

आगामी बारिश के मौसम और बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों को लेकर छावनी परिषद ने ठोस रणनीति तैयार की है। इसके तहत क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को रोकने और नालों की सुचारू सफाई के लिए विशेष रूप से 20 कर्मचारियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है।

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इसके साथ ही, मानसून के दौरान पैर पसारने वाले डेंगू के प्रकोप को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव हेतु अतिरिक्त 16 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस दौरान बैठक में सदस्य विनोद पंवार ने SIR की प्रक्रिया चलने के कारण छावनी बोर्ड चुनाव के समय नई वोटर लिस्ट न बनाने और पुरानी एसआईआर के आधार पर ही वोटर लिस्ट तैयार कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी।

खुले पशुओं के लिए अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था

प्रेमनगर के अटल पार्क को एक नया गौरवशाली स्वरूप दिया जाएगा, जहां सात लाख रुपये की लागत से 60 फीट ऊंचा भव्य राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा स्थापित किया जाएगा, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके अतिरिक्त क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रेमनगर में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण करने और वहां के पार्क में 30 बेंच लगाने पर सहमति बनी है।

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वहीं, क्षेत्र में आवारा और खुले घूमने वाले पशुओं की समस्या से निजात पाने के लिए छावनी परिषद ने अब पशुओं का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इस व्यवस्था से न सिर्फ पशुओं की पहचान और निगरानी सुनिश्चित होगी बल्कि पशु मालिकों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी, और नियमों का उल्लंघन कर पशुओं को खुले में छोड़ने वालों के विरुद्ध चालान की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही गढ़ी कैंट में पानी के टैंकरों की व्यवस्था करने तथा नए वेंडिंग जोन बनाने की मांग पर भी विचार किया गया है।

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