Badrinath चढ़ावा चोरी प्रकरण: गणेश गोदियाल ने मांगा इस्तीफा, हेमंत द्विवेदी ने किया पलटवार

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देहरादून। दून में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के चढ़ावा चोरी प्रकरण पर सोमवार को जमकर राजनीतिक घमासान देखने को मिला। कांग्रेस भवन और भाजपा मुख्यालय में अलग-अलग हुई प्रेस वार्ताओं में दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफे की मांग की। इसके जवाब में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गोदियाल के आरोपों को खारिज करते हुए उन पर ही अपने कार्यकाल में मंदिर कोष की बंदरबांट करने का पलटवार किया।

प्रेस वार्ता में गोदियाल ने दावा किया कि गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने जांच में माना है कि उसे आरोपी प्रमोद नौटियाल से आदेश मिलते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नौटियाल को सीधे बीकेटीसी अध्यक्ष निर्देश देते थे, इसलिए साक्ष्यों से छेड़छाड़ रोकने के लिए द्विवेदी का इस्तीफा जरूरी है।

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गोदियाल ने सवाल उठाया कि इस पूरे चढ़ावा चोरी मामले पर मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों की बात करके वर्तमान जांच से बचा नहीं जा सकता। गोदियाल ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति को तराई बीज विकास निगम से हटाया गया था, उसे मंदिर समिति का अध्यक्ष बना दिया गया।

दूसरी तरफ, भाजपा मुख्यालय से पलटवार करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि गोदियाल अपने कार्यकाल में मंदिर कोष का दुरुपयोग कर चुके हैं। द्विवेदी के अनुसार, गोदियाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में व्यक्तिगत लोगों को 25 हजार से 5 लाख रुपये तक की सहायता मंदिर के पैसे से बांटी थी।

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द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने गोदियाल पर बिना प्रमाण के आरोप लगाकर जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया और सवाल किया कि क्या गोदियाल को अध्यक्ष रहते राहुल या प्रियंका गांधी से निर्देश मिलते थे।

अपने 14 महीने के कार्यकाल का ब्योरा देते हुए द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने कोई व्यक्तिगत स्टाफ नहीं रखा और सारा अमला फील्ड में तैनात है। उन्होंने दावा किया कि गोदियाल के समय 10-12 लोगों का स्टाफ रहता था और गोदियाल ने विधायक वेतन के साथ मंदिर समिति के सभी भत्ते भी लिए थे।

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उल्लेखनीय है कि गोदियाल ने सहकारिता भर्ती घोटाले और मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के विभागों में गड़बड़ी की जांच सेवानिवृत्त जज से कराने की मांग दोहराई है। कांग्रेस की प्रेस वार्ता में राजेंद्र भंडारी, डॉ. प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर मौजूद रहे, वहीं भाजपा की वार्ता में राजेंद्र नेगी, मथुरा दत्त जोशी व हरीश चमोली उपस्थित रहे।

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