देहरादून। उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 51 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि मंजूर की है। इस बजट से प्रदेश में नए हेलिपैड निर्माण, सड़कों के चौड़ीकरण और प्रशासनिक सुरक्षा ढांचे को अपडेट किया जाएगा। सरकार के इस फैसले का सीधा असर सीमांत और पहाड़ी इलाकों की जनता पर पड़ेगा।
राज्य में एयर कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा नागरिक उड्डयन क्षेत्र को दिया गया है। बागेश्वर जिले के बेड़ा-मझेड़ा में हेलिपैड निर्माण के लिए 8.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, उत्तरकाशी के सुनकुंडी में नए हेलिपैड के लिए 1.08 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
पर्यटन और हवाई सफर को आसान बनाने के उद्देश्य से नैनीताल जिले के डौन परेवा में हेलिपैड के आसपास के क्षेत्र को संवारने के लिए पहली किश्त के रूप में 8.30 लाख रुपये जारी हुए हैं। इसके साथ ही, देहरादून स्थित सहस्रधारा हेलिपोर्ट पर निर्बाध बिजली आपूर्ति और विद्युतीकरण के कामों के लिए 50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
राजधानी देहरादून में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सड़क विस्तार योजना को हरी झंडी दी गई है। न्यू कैंट मोटर मार्ग पर सालावाला पुल से लेकर विजय कालोनी पुल तक के रास्ते को 2-Lane बनाने के लिए 16.87 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस मार्ग के चौड़ा होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी।
आपदा प्रबंधन और आपातकालीन राहत कार्यों को गति देने के लिए पौड़ी जिले में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा रहा है। पौड़ी के नैनीडांडा स्थित ग्राम उठिडागांव में नई SDRF पोस्ट के निर्माण कार्य के लिए 1.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे आपदा के समय तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को हाईटेक बनाने के लिए भी बड़ा बजट जारी किया गया है। जिला कारागार टिहरी में आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल के निर्माण के लिए 85.72 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय में आधुनिक मशीन उपकरण, संयंत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर सजाने-संवारने के लिए 15.00 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की स्वीकृति दी गई है।
ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चंपावत जिले में सड़क डामरीकरण को मंजूरी मिली है। चंपावत के मंच तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी मोटर मार्ग तक डामरीकरण काम के लिए 2.64 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सड़क सुधरने से स्थानीय ग्रामीणों को तहसील और जिला मुख्यालय पहुंचने में आसानी होगी।

