हल्द्वानी। हल्द्वानी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में पार्टी ने आगामी चुनावों को लेकर एक बड़ा रणनीतिक दांव चला है। पिछले विधानसभा चुनावों में जिन 23 सीटों पर भाजपा को हार मिली थी, वहां जनाधार मजबूत करने के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष और कोर समिति सदस्य गांवों में रात्रि प्रवास करेंगे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कार्यसमिति में लिए गए इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यकर्ताओं को चुनाव से काफी पहले ही धरातल पर सक्रिय होने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई योजना के तहत अगले महीने से पार्टी के शीर्ष नेता, केंद्रीय पदाधिकारी और कैबिनेट मंत्री उन क्षेत्रों के गांवों का चयन कर रात गुजारेंगे, जहां फिलहाल कांग्रेस या अन्य दलों के विधायक काबिज हैं।
अभियान के दौरान भाजपा नेता केवल औपचारिक जनसभाएं नहीं करेंगे, बल्कि ग्रामीणों और शक्ति केंद्र स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद साधेंगे। पार्टी का मानना है कि विपक्षी विधायकों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में पैठ बनाने के लिए शीर्ष नेतृत्व का सीधे धरातल पर पहुंचना बेहद जरूरी है।
गांवों में प्रवास के दौरान बूथ कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों के साथ बैठकें होंगी। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर ही समाधान निकाला जाएगा। दीप्ति रावत ने स्पष्ट किया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए पार्टी बेहद तेजी से रणनीति पर काम कर रही है।
बैठक के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार शाम प्रदेश पदाधिकारियों और कोर ग्रुप के साथ डेढ़ घंटे तक अलग से गहन मंथन किया। कोर ग्रुप की इस बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तय की गई। बैठक में मुख्यमंत्री धामी, मंत्री मदन कौशिक, धन सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
बैठक में युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं और दलित समाज के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी ने विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त करते हुए दलित बस्तियों और वंचित वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का संकल्प लिया। सभागार में मौजूद 600 से अधिक पदाधिकारियों के बीच दो सत्रों में दिनभर रणनीतिक मंथन चला, जिसमें ‘विकसित उत्तराखंड’ विजन को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

