हल्द्वानी। हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। शीर्ष अदालत ने इस संवेदनशील मामले में अगली सुनवाई के लिए अब 18 नवंबर की तारीख तय की है। सुनवाई टलने की खबर के साथ ही बनभूलपुरा क्षेत्र और पूरे हल्द्वानी में सुबह से चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
सुप्रीम कोर्ट से किसी बड़े फैसले की संभावना को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। संभावित उपद्रव या कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते पूरे बनभूलपुरा क्षेत्र को किले में तब्दील कर दिया गया था।
इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसमें दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर-एसओ, 10 चौकी प्रभारी, 45 दरोगा और 10 महिला दरोगाओं की ड्यूटी लगाई गई थी। सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए 182 कांस्टेबल, 47 महिला सिपाही और दो कंपनी पीएसी भी मौके पर तैनात थीं। इसके अलावा अग्निशमन विभाग की चार यूनिटें, ट्रैफिक पुलिस की चार टीमें और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट मोड पर रखा गया था।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉक पुलिस की दो यूनिटों और पुलिस लाइन से अतिरिक्त विशेष दस्तों को भी मैदान में उतारा गया था। प्रशासन ने मंगलवार शाम से ही इलाके में चौकसी बढ़ा दी थी और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला था। बुधवार सुबह सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी खुद बनभूलपुरा पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और हर गतिविधि पर नजर रखने के कड़े निर्देश दिए।
दिनभर अदालत के रुख को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच उत्सुकता बनी रही। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से अगली तारीख मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह शांत और सामान्य रही। अदालत की सुनवाई टलने और स्थिति नियंत्रण में रहने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद क्षेत्र में एहतियातन तैनात किए गए अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बलों को वापस बुला लिया गया।

