उत्तराखंड STF की बड़ी कामयाबी: 1.32 करोड़ की ठगी का शातिर राजस्थान से गिरफ्तार

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उत्तराखंड एसटीएफ ने पौड़ी गढ़वाल के एक सरकारी कर्मचारी के साथ 1.32 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी रिंकू को राजस्थान के झुंझुनूं जिले से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पीड़ित सुरेश कुमार, जो एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं, उन्हें जालसाजों ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। लगभग डेढ़ महीने तक चले इस सुनियोजित खेल में ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी निवेश खाते में 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो वे असफल रहे, जिसके बाद इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ।

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ठगी का तरीका और झांसा देने की प्रक्रिया

साइबर अपराधियों ने पीड़ित को 6 अक्टूबर 2025 को एक लिंक भेजकर एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहाँ शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी साझा की जाती थी। ग्रुप एडमिन ने उन्हें ‘डीबीएस ग्रुप’ के डेली ट्रेडिंग प्लान में निवेश करने पर रोजाना पांच प्रतिशत मुनाफे का भरोसा दिलाया, जिसके झांसे में आकर पीड़ित ने अपनी पत्नी के नाम से खाता रजिस्टर किया। 4 नवंबर से 18 दिसंबर के बीच ठगों ने अलग-अलग किस्तों में पीड़ित से कुल 1.32 करोड़ रुपये जमा करवा लिए और उन्हें डिजिटल स्क्रीन पर भारी मुनाफे का फर्जी आंकड़ा दिखाकर गुमराह करते रहे।

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पुलिस की कार्रवाई और गिरोह का नेटवर्क

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के नेतृत्व में जांच की गई, जिसमें पता चला कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहले ही गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें से तीन सदस्य वर्तमान में पटियाला जेल में बंद हैं। हालिया गिरफ्तारी आरोपी रिंकू की हुई है, जिसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस आरोपी के बैंक खातों के खिलाफ तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में अब तक 16 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।