उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पंचकेदार में से एक, द्वितीय भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट इस वर्ष 21 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे. इस पावन अवसर के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने अपनी सभी तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू कर दी हैं. प्रथम केदार केदारनाथ और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट पहले ही खुलने के बाद अब मदमहेश्वर धाम की यात्रा को लेकर भक्तों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
बाबा की उत्सव डोली का प्रस्थान
कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल, ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से धाम के लिए प्रस्थान करेगी. इससे पूर्व, 17 मई को बाबा की चल विग्रह उत्सव मूर्ति को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकालकर सभामंडप में भक्तों के दर्शन के लिए विराजमान किया जाएगा, जो इस धार्मिक अनुष्ठान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है।
मंदिर समिति की तैयारियां
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर परिसर की सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कार्य आरंभ कर दिया है ताकि कपाट खुलने के समय यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े. द्वितीय केदार के रूप में पूजे जाने वाले भगवान मदमहेश्वर के कपाट खुलने का समय और तिथि तय होने के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं ताकि पूरी यात्रा सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।

