देहरादून सचिवालय में आज धामी कैबिनेट की बैठक हुई..जिसमें कई मसलों पर चर्चा हुई लेकिन सबसे ज्यादा फोकर पीएम मोदी की फिजूलखर्च रोकने की अपील पर रहा। बैठक में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और मौजूदा वक्त में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ रहा है। खास तौर से ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ रहा है। इस वैश्विक संकट के असर से भारत भी अछूता नहीं है। ईंधन की लागत बढ रही है। आयात निर्भरता के चलते आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मौजूदा हालात से निपटने के लिए देश की जनता से छोटी-छोटी पहल करने की गुजारिश की थी। सीएम धामी ने कहा मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी की अपील असर दिखाएगी जनता अपने व्यवहारिक बदलावों के जरिए सकारात्मक रिजर्ल्ट देगी। लिहाजा हमारी सरकार भी इसमें योगदान देगी।

पीएम की पहल के तहत सीएम धामी ने कैबिनेट बैठक में कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया। मसलन वर्क फ्रॉम होम को बढावा दिया जाएगा। धामी कैबिनेट ने सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिए जाने पर सहमति जताई। वहीं निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को लागू करने पर जोर दिया। साथ ही प्रदेश की जनता से सफर के लिए सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम इस्तमाल के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला लिया।
इसके अलावा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी करने का फैसला लिया। वहीं हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे करने के फैसले पर सहमति जताई, तो वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही काम निपटाने का फैसला भी लिया। धामी कैबिनेट ने फैसला लिया कि जनता को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं सरकारी और निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने की पहल पर भी सहमति जताई।
धामी केबिनेट ने परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए दिए। वहीं सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तमाल के लिए प्रेरित का फैसला भी लिया। कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, वे ईधन बचाने के मकसद से एक दिन में एक ही वाहन का इस्तेमाल करें। ताकि ईधन बचत हो सके।

कैबिनेट बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाए जाने पर भी सहमति बनी। कैबिनेट ने फैसला लिया कि जो भी नए सरकारी वाहन खरीदे जाएं उनमे पचास फीसदी वाहन ईलैक्ट्रिक वाहन रहें। वहीं कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क को प्राथमिकता के आधार पर बढाने का फैसला भी लिया। इसके अलावा सरकारी विदेश यात्राओं को सीमित करने का भी कैबिनेट ने फैसला लिया ।
“Visit My State” अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढावा देने का फैसला भी कैबिनेट बैठक में लिय़ा गया। इसके लिए राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने और प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने के लिए न्यौता देने के फैसले पर भी सहमति की मुहर लगी।
वहीं राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था पर भी मुहर लगाते हुए कैबिनेट ने फैसला लिया। धामी केबिनेट ने फैसला लिया कि “मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। ताकि देश सेवा और प्रेम की भावना जनता में जाग्रत हो सके। वही राज्य की जनता को एक साल तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक करने का फैसला भी लिया गया।
वहीं “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर भी धामी कैबिनेट ने सहमति जताई। जबकि सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन का फैसला लिया। आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए धामी कैबिनेट ने फैसला लिया ।
वहीं स्कूल, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल इस्तमाल की समीक्षा करने का फैसला भी लिया वहीं होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने की गुजारिश करने पर भी सहमति बनी। ताकि खाद्य तेल के उपयोग में कुछ कमी लाई जा सके।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
धामी केबिनेट ने फैसला लिया कि राज्य में किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ताकि रसायनिक खाद पर निर्भरता कम हो सके।
धामी कैबिनेट ने फैसला लिया कि PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाए। राज्य के अधिक से अधिक होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों को PNG उपयोग से जोड़ा जाए। वहीं धामी कैबिनेट ने Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लाने की भी पहल की और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाईपॉवर कमेटी बनाने पर सहमति जताई जो 60 दिन के भीतर प्रस्ताव को ओके करेगी

