देहरादून। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित बेलनी पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सुरक्षा मानकों की जांच के लिए इस नए पुल का लोड टेस्ट भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दी गई जानकारी के बाद, रुद्रप्रयाग में इस पुल को आवाजाही के लिए खोलने की अंतिम तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और स्थानीय यातायात को सुचारू बनाने के लिहाज से रुद्रप्रयाग स्थित बेलनी पुल का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के मार्गों को आपस में जोड़ने वाले इस पुल का स्ट्रक्चरल लोड टेस्ट सफल होने के बाद अब वाहनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। इससे रुद्रप्रयाग शहर और मुख्य बाजार को लंबे ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में बताया कि पुल का मुख्य निर्माण और टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, हालिया बारिश के चलते फिनिशिंग के कुछ अंतिम कार्य बाकी रह गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जैसे ही मौसम ठीक होता है, उन शेष कामों को तुरंत पूरा करा लिया जाएगा और इसके बाद पुल को आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
इस नए पुल के चालू होने से केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के बीच आवाजाही करने वाले तीर्थयात्रियों के समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी। अब तक यात्रियों को रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार और संकरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी रहती थी। बेलनी पुल के जरिए दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे जुड़ जाएंगे, जिससे वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के सुचारू हो सकेगा।
स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्था मौसम साफ होते ही अप्रोच रोड की सुरक्षा, पेंटिंग और डामरीकरण के बचे हुए कामों को अंतिम रूप देने में जुटी है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि मौसम सामान्य होते ही बिना किसी देरी के इस नवनिर्मित पुल का औपचारिक उद्घाटन कर इसे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के वाहनों के लिए समर्पित कर दिया जाए।
चारधाम यात्रा के इंफ्रास्ट्रक्चर के नजरिए से यह पुल एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। केदारनाथ और बदरीनाथ दोनों प्रमुख धामों को जोड़ने वाला बेलनी पुल न केवल तीर्थयात्रियों के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाएगा, बल्कि रुद्रप्रयाग के स्थानीय निवासियों के दैनिक आवागमन को भी बेहद आसान कर देगा। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि मौसम सुधरते ही इसे तुरंत चालू कर दिया जाए।

