देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड राज्योत्सव के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ऐतिहासिक संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने दोनों हाथ उठवाकर भारत माता की जय और जय श्री राम के उद्घोष के बीच कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड देश का सबसे पहला विकसित राज्य बनकर उभरेगा। इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों में प्रदेश में तीसरी बार भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया।
देवभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मां यमुना का उद्गम, सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब और चार कुंभ स्थलों में शामिल हरिद्वार इसी पावन धरा पर स्थित है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए 9 नवंबर 2000 को राज्य गठन के संघर्ष को याद किया और कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड का सपना साकार किया था, जिसे अब पीएम मोदी और सीएम धामी आगे बढ़ा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने रामपुर तिराहा कांड के शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्य की महान विभूतियों माधो सिंह भंडारी, गब्बर सिंह नेगी, जनरल बिपिन रावत और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के शौर्य को नमन करते हुए शाह ने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे दौरों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है, क्योंकि भाजपा के हजारों कार्यकर्ता दिन-रात जनता की सेवा में जुटे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में मिले 3.56 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है।
धामी सरकार के फैसलों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने समान नागरिक संहिता का जिक्र किया और कहा कि उत्तराखंड द्वारा तय किए गए इस रास्ते पर अब देश के 15 अन्य राज्य भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, चार धाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और केदारनाथ रोपवे जैसी बुनियादी परियोजनाओं का हवाला दिया। साथ ही महिलाओं के लिए सहकारिता आरक्षण, लखपति दीदी योजना और आंदोलनकारियों के सम्मान से जुड़ी योजनाओं को भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमावर्ती गांवों को ‘अंतिम गांव’ मानकर विकास से वंचित छोड़ दिया था, जबकि भाजपा ने उन्हें ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत संवारा है। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में हुए घोटालों और सचिवालय के कमीशन एजेंटों का अड्डा बनने का आरोप लगाया। साथ ही राहुल गांधी की यात्रा और तुष्टिकरण की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता इनके एजेंडे को भली-भांति समझती है।
अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री ने जनता से मुखातिब होते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने 2017 और 2022 में भरपूर आशीर्वाद दिया है, और अब इस बार विधानसभा चुनाव में 65 से अधिक सीटें देकर भाजपा की डबल इंजन सरकार को तीसरी बार सेवा का मौका दें। इस दौरान सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उत्तराखंड के विकास का एजेंडा भी प्रमुखता से रखा गया।

