बागेश्वर: वकील मर्डर केस का खौफनाक सच, प्रेमिका ने रॉड से उतारा मौत के घाट, 2 दिन चारपाई के नीचे रखा शव; रामलीला में रही मग्न

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बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिछले 17 दिनों से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिला पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात जबरदस्ती के प्रयास और विवाद के दौरान प्रेमिका लता भंडारी ने लोहे की रॉड से सिर पर वार कर वकील की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी 32 वर्षीय लता भंडारी और शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले उसके भाई 39 वर्षीय त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक धीरेंद्र परिहार और नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी (पत्नी स्व. मोहित भंडारी) के बीच वर्ष 2020 से प्रेम प्रसंग चल रहा था। हालांकि, वर्ष 2022 के बाद दोनों के बीच बातचीत कम हो गई थी और लता ने धीरेंद्र का नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसके बावजूद 17 अक्टूबर को धीरेंद्र ने दूसरे नंबर से संपर्क किया और रात करीब 11 बजे दोबारा लता के घर पहुंच गया।

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रात में घर पहुंचने पर धीरेंद्र ने लता के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया, जिससे दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर लता ने लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद लता ने शव को चादर में लपेटकर चारपाई के नीचे छिपा दिया।

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हत्या के बाद आरोपी महिला दो दिनों तक सामान्य रूप से लोगों के बीच आती-जाती रही और शव घर में ही चारपाई के नीचे छिपा रहा। इस दौरान उसने किसी को भनक तक नहीं लगने दी और नुमाइशखेत में चल रहे दुर्गा पूजा आयोजन व रामलीला में भी शामिल हुई। 18 अक्टूबर को उसने मायके पहुंचकर अपने बेरोजगार भाई पर दबाव बनाया और सुसाइड की धमकी देकर शव ठिकाने लगाने में मदद मांगी।

19 अक्टूबर की तड़के करीब 2:22 बजे दोनों भाई-बहन ने शव को कार (UK 02 B 3843) में रखा। वे मंडलसेरा, आरे बाईपास और द्यांगण होते हुए सेंट जोसेफ स्कूल मार्ग से नदीगांव-गिरीछीना मोटर मार्ग पहुंचे। थोड़ाई के पास उन्होंने गोमती नदी किनारे 90 डिग्री की ढलान वाली गहरी खाई में शव फेंक दिया, जो नीचे झाड़ियों में अटक गया था।

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इधर, 31 अक्टूबर को मृतक की मां नंदी देवी ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच में जुटी पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्ध कार की आवाजाही के आधार पर आरोपियों तक पहुंची। मंगलवार देर शाम पुलिस ने खाई में अटके शव को बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 61(2) के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।