देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में ईवीएम और वीवीपीएट मशीनों की जानकारी देने के लिए 16 नवंबर से व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इस संबंध में राज्य निर्वाचन विभाग ने सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 12,543 पोलिंग स्टेशनों के लिए 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपीएट मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। मतदाताओं को जागरूक करने के लिए 16 नवंबर से सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों में ‘ईवीएम डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर’ शुरू किए जाएंगे।
इसके साथ ही 16 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच राज्य की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के दूर-दराज गांवों और कस्बों में ‘मोबाइल डिमॉन्स्ट्रेशन वैन’ के जरिए सघन प्रचार-प्रसार चलाया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने इस पूरे एक महीने के कार्यक्रम का शेड्यूल जिला स्तर पर भेज दिया है, ताकि अंतिम छोर पर मौजूद मतदाता भी मतदान प्रक्रिया को समझ सकें।
चुनाव संपन्न कराने के लिए जनशक्ति और संसाधनों का खाका भी खींच लिया गया है। राज्य में चुनाव के लिए अनुमानित 1,08,400 कर्मचारियों की आवश्यकता के सापेक्ष राज्य, केंद्र और पीएसयू मिलाकर 1.90 लाख से अधिक कार्मिक उपलब्ध हैं। इसके अलावा मतदान दलों और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही के लिए 3,319 बसों, 310 ट्रकों और 9,669 हल्के वाहनों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
तैयारियों का जायजा लेने के लिए इसी महीने चुनाव आयोग की एक उच्चस्तरीय टीम उत्तराखंड का दौरा करेगी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास के अनुसार, आयोग की यह टीम जमीनी स्तर पर पोलिंग बूथों की व्यवस्थाओं को परखेगी।

