उत्तराखंड GST संग्रह में देश में 5वें नंबर पर: अक्टूबर में ₹1007 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व, 15% की बढ़ोतरी

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देहरादून। उत्तराखंड ने माल एवं सेवा कर संग्रह के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अक्टूबर माह में 15 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। राज्य कर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड ने एक ही महीने में कुल 1007 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त किया है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर राज्य ने कर संग्रह में देश के कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां स्थान हासिल किया है।

राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12200 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य कर विभाग ने जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब राजस्व आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहे हैं।

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जीएसटी परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल वित्तीय वर्ष 2025 के अक्टूबर माह में राज्य का कर संग्रह 822 करोड़ रुपये था, जो इस बार बढ़कर 1007 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक कुल 6806 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 5884 करोड़ रुपये था। इस तीव्र वृद्धि के साथ उत्तराखंड ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

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राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन ने इस सफलता पर जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी संग्रह में लगातार सुधार के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए नवंबर माह में भी कर संग्रह में और अधिक तेजी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कर चोरी करने वाली फर्मों और कारोबारियों पर विभाग की कड़ी नजर बनी हुई है।

इसी सख्त अभियान के तहत दीपावली पर्व के दौरान पटाखा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के दिशा-निर्देशों पर संयुक्त आयुक्त अजय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमों ने देहरादून, विकासनगर और ऋषिकेश में पटाखा व्यापारियों के ठिकानों पर औचक जांच की।

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दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान टीमों ने खरीद, बिक्री और स्टॉक का बारीकी से मिलान किया। इस दौरान सात बड़े पटाखा व्यापारियों से मौके पर ही 92 लाख रुपये का बकाया टैक्स जमा कराया गया। उपायुक्त सुरेश कुमार ने दो टूक कहा कि त्योहारी सीजन की आड़ में टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ राज्य कर विभाग का यह प्रवर्तन अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।