उत्तराखंड सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के बीच राज्य में कौशल विकास, रोजगार, कार्बन क्रेडिट और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए एक व्यापक तकनीकी समझौता हुआ है। देहरादून सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन से यूएनडीपी की भारत में डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव सुश्री ईजाबेल (Ms. Isabelle Tschan) ने उच्च स्तरीय शिष्टाचार भेंट की।
इस बैठक में राज्य के युवाओं के कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर यूएनडीपी की वैश्विक विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर सहमति बनी। इस समझौते का सीधा असर उत्तराखंड के युवाओं की आजीविका, राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में सुशासन की व्यवस्था पर पड़ने वाला है।
युवाओं के कौशल विकास और रोजगार पर रहेगा फोकस
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने उत्तराखंड की बेहतरीन साक्षरता दर का उल्लेख करते हुए राज्य की असल जरूरत को सामने रखा। उन्होंने यूएनडीपी की टीम से जोर देकर कहा कि प्रदेश के शिक्षित युवाओं को अब आजीविका से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कौशल विकास की आवश्यकता है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य यूएनडीपी के सहयोग से ऐसे प्रैक्टिकल प्रोग्राम तैयार करना है, जिससे राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिल सकें।
जन्म लेते ही ट्रैक होंगे बच्चे, डिजिटल गवर्नेंस में मिलेगी बड़ी मदद
मुख्य सचिव ने राज्य में प्रशासनिक और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में यूएनडीपी से तकनीकी सहयोग मांगा। इसके तहत राज्य में एक बेहद खास और आधुनिक ‘चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम’ लागू करने की बात कही गई है।
इस सिस्टम के धरातल पर उतरने के बाद, उत्तराखंड में बच्चे के जन्म के समय से ही उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जा सकेगा।
उत्तराखंड को मिलेगा कार्बन क्रेडिट का लाभ
एक हिमालयी राज्य होने के नाते उत्तराखंड पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग फॉरेस्ट लैण्ड के अंतर्गत आता है, जो पूरे देश को शुद्ध हवा और पर्यावरण संरक्षण देता है।
इस अमूल्य प्राकृतिक संपदा का सही लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार ने यूएनडीपी से ‘कार्बन क्रेडिट’ के क्षेत्र में तकनीकी और रणनीतिक सहयोग देने का अनुरोध किया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य के लिए नए आर्थिक स्रोत खुल सकें।
UNDP इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देगा पूरी तकनीकी सहायता
यूएनडीपी की सुश्री ईजाबेल ने बैठक में स्पष्ट किया कि उनकी संस्था उत्तराखंड में सतत विकास लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने और सार्वजनिक नीति व सुशासन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दोनों पक्षों के बीच प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और ऊर्जा दक्षता में सुधार, हिमालयी क्षेत्र में आपदा के जोखिम को कम करना और लचीलापन बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विकास लक्ष्यों पर चर्चा हुई।
इसके अतिरिक्त दोनों पक्षों के मध्य स्थानीय उद्यमिता, आईटी, एमआईएस, संचार और क्षमता निर्माण का विकास, कौशल विकास और आजीविका के साधनों को आधुनिक और टिकाऊ बनाने जैसे अहम बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
उत्तराखंड के विकास को नई रफ्तार देने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन और वैश्विक संस्था के कई प्रमुख नीति नियंता मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नरेन्द्र सिंह भण्डारी सहित UNDP की ओर से विशेषज्ञ के रूप में सत्यन चौहान और प्रदीप मेहता भी उपस्थित रहे।

