देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपने तल्ख तेवर दिखाने के लिए तैयार है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार, 10 अगस्त को राज्य के चार प्रमुख जिलों देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने इन क्षेत्रों में अत्यंत तेज बारिश, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की आशंका जताई है।
मौसम विभाग के पांच दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में आगामी दिनों में बारिश का दौर बेहद उग्र रहने वाला है, जिसमें रविवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
वहीं सोमवार को स्थिति और अधिक संवेदनशील हो जाएगी, जब देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए अत्यंत तेज बारिश का बड़ा ‘ऑरेंज अलर्ट’ रहेगा और इसके साथ ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ व ऊधम सिंह नगर में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
बारिश का यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा; 11 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का दौर बना रहेगा, जो 12 अगस्त को भी मुख्य रूप से देहरादून, टिहरी और बागेश्वर जिलों में जारी रहने का अनुमान है।
मौसम के इस तल्ख रुख, नदियों-नालों के अचानक उफान पर आने और भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध होने के बढ़ते जोखिम को देखते हुए मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा कर रहे लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने तथा अनावश्यक यात्राओं से पूरी तरह बचने की सख्त अपील की है।

