उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राज्य में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों को मैपिंग का कार्य जल्द से जल्द निपटाने का आदेश दिया है। सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने चुनावी तैयारियों की बारीकी से जांच की और स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाना प्राथमिकता है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी राजनीतिक दलों के साथ आवश्यक जानकारी साझा करें और मैपिंग की प्रक्रिया में तेजी लाकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दें।
मतदाता सूची में सुधार और दैनिक समीक्षा के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 की दैनिक रूप से अनिवार्य समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चुनावी अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं और मौजूदा त्रुटियों को तुरंत ठीक किया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक बूथ पर तैयार की गई अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत सूची को एक सप्ताह के भीतर बूथ स्तर के एजेंटों को उपलब्ध कराने और राजनीतिक दलों के बीएलए से साझा करने पर जोर दिया गया है।
प्रशासनिक समन्वय और बीएलओ का प्रभावी प्रशिक्षण
चुनावी तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को संबंधित नगर निगम क्षेत्रों के नगर आयुक्तों के साथ बैठक कर विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है। बैठक के दौरान गणना प्रपत्रों के मुद्रण, लॉजिस्टिक्स और वितरण योजना की भी गहन समीक्षा की गई ताकि चुनाव प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। इसके अलावा, बूथ लेवल अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे धरातल पर बेहतर तरीके से कार्य कर सकें। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तैयारियों की प्रगति पर चर्चा की।

