उत्तराखंड के 49 सरकारी स्कूलों में बढ़ा नामांकन, यू-डायस के आंकड़ों से हुआ खुलासा

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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में लगातार घटती छात्र संख्या की चिंता के बीच शिक्षा विभाग ने एक नई और सकारात्मक पहल शुरू की है। प्रदेश भर के ऐसे 49 सरकारी विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जहां पिछले तीन सालों में छात्रों के नामांकन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शिक्षा विभाग अब इन 49 स्कूलों के सफल मॉडल को मिसाल के रूप में अध्ययन करेगा और इनकी अनूठी कार्यप्रणाली व नवाचारों के आधार पर एक विस्तृत मॉडल तैयार कर उसे पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में लागू करेगा।

इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना अधिकारी को इन 49 विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को स्वयं इन स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण करना होगा। वे नामांकन में हुई वृद्धि के मुख्य कारणों, विद्यालय प्रबंधन समितियों के सक्रिय प्रयासों और पढ़ाई के नए व रोचक तरीकों पर साक्ष्यों सहित रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजेंगे, जिससे छात्र संख्या बढ़ने के ठोस कारणों का स्पष्ट पता चल सके।

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समग्र शिक्षा उत्तराखंड ने यू-डायस के आधिकारिक आंकड़ों का गहन विश्लेषण करने के बाद इन 49 स्कूलों का चयन किया है। ये वे विद्यालय हैं जहां पिछले तीन वर्षों में नए दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या 30 से अधिक रही है। विभाग अब इन स्कूलों की दैनिक कार्यप्रणाली, अध्यापन की शैली और स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचारों का अध्ययन कर रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि अभिभावकों और छात्रों का रुझान इन सरकारी स्कूलों की ओर किस तरह दोबारा बढ़ा है।

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समग्र शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक आकांक्षा कोंडे ने बताया कि इन 49 स्कूलों के सफल प्रयासों के आधार पर एक सर्वमान्य मॉडल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस मॉडल को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इन विद्यालयों के सफल प्रयोगों, बेहतर शैक्षणिक माहौल और उत्कृष्ट मैनेजमेंट को प्रदेश के अन्य सभी सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जा सके, जिससे पूरे राज्य में छात्र नामांकन का स्तर सुधारा जा सके और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।

छात्र संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज कराने वाले इन 49 स्कूलों में सबसे अधिक 12 स्कूल देहरादून जिले के शामिल हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज किशनपुर, राईका गुजराड़ा, राईका थानो, प्राथमिक विद्यालय आशारोड़ी, राईका गुनियाल गांव, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मसूरी, जीआईसी पोंधा, अटल उत्कृष्ट बरोटीवाला, हाईस्कूल लोहारी, गर्ल्स हाईस्कूल सुनारगांव और अन्य विद्यालय प्रमुख हैं। वहीं, हरिद्वार जिले के 11 स्कूलों में जीआईसी सांघीपुर, हाईस्कूल जसवावाला, पीएमश्री कुंजा बहादुरपुर, प्राथमिक विद्यालय लक्सर, हाईस्कूल लिब्बरहेड़ी, तनशितपुर, राईका दौलतपुर और पीएमश्री रुड़की शामिल हैं।

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दूसरी ओर, पर्वतीय जिलों में ऐसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की संख्या मैदानी इलाकों की तुलना में कम पाई गई है। उधमसिंह नगर जिले के नौ स्कूलों में हाईस्कूल रामनगर, पीएम श्री जीजीआईसी बाजपुर, जीआईसी सकनिया, पीएम श्री जीजीआईसी दिनेशपुर, गदरपुर, हाईस्कूल सरवाखेड़ा और पीएम श्री शक्तिफार्म शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उत्तरकाशी का पीएमश्री मोरी, नैनीताल के चार, पौड़ी गढ़वाल व चंपावत के तीन-तीन, अल्मोड़ा के दो तथा बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल का एक-एक स्कूल इस सूची में शामिल है।

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