Uttarkashi: सिलक्यारा सुरंग में फिर हुआ भूस्खलन; पोलगांव बड़कोट छोर पर गिरा भारी मलबा

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उत्तरकाशी। चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग के भीतर एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। सोमवार को सुरंग के पोलगांव बड़कोट छोर से लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर भूस्खलन होने से सुरंग के भीतर भारी मात्रा में मलबा फैल गया है। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सुरंग निर्माण के सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

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मामले पर निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राम ने बताया कि पोलगांव बड़कोट छोर से लगभग 1300 मीटर अंदर कुछ मलबा गिरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माणाधीन सुरंगों में मलबा गिरना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे बाहर निकाला जा रहा है। कंपनी ने किसी भी तरह की आपात या चिंताजनक स्थिति से साफ इनकार किया है।

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बता दें कि वर्ष 2023 में इसी सिलक्यारा सुरंग में सिलक्यारा वाले छोर से करीब 200 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था। उस समय सुरंग निर्माण में लगे 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। पूरे 17 दिन तक चले बेहद जटिल अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाला गया था। हालांकि, उस बड़े हादसे के बाद भी सुरंग के भीतर भूस्खलन का सिलसिला थम नहीं रहा है।

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2027 तक पूरा करने का लक्ष्य, 90% काम पूरा

उत्तराखंड की इस सबसे लंबी (4.5 किलोमीटर) सड़क सुरंग का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जिसे शुरुआत में वर्ष 2022 तक बनकर तैयार होना था।

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तकनीकी अड़चनों के कारण निर्माण में देरी हुई और वर्ष 2024 में इस सुरंग को सफलता पूर्वक आर-पार किया गया। वर्तमान में इसका लगभग 90 फीसदी सिविल कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2027 तक इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।