Uttarakhand: मरीज बनकर एंबुलेंस में सफर कर रहा था 90 किलो गांजा, कुछ यूं हुई धरपकड़..

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पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित श्रीनगर गढ़वाल पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे चेकिंग अभियान में एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। श्रीनगर पुलिस की सतर्कता से एक प्राइवेट इको एंबुलेंस के भीतर मरीज की आड़ में ले जाया जा रहा 90 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस चालक को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है और तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया है। जब्त किए गए गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹45 लाख आंकी गई है।

यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के दिशा-निर्देशन में श्रीनगर कोतवाली पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस टीम श्रीनगर के आवास विकास ग्राउंड के पास संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान रुद्रप्रयाग की तरफ से आ रही एक प्राइवेट एंबुलेंस को जब जांच के लिए रोका गया, तो चालक घबराने लगा। पुलिसकर्मियों ने जब वाहन के पिछले हिस्से का दरवाजा खोलकर तलाशी ली, तो उसमें मरीज या कोई मेडिकल किट मिलने के बजाय प्लास्टिक के 9 कट्टों में भरा 90 किलो गांजा बरामद हुआ।

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पुलिस ने एंबुलेंस चालक रविंद्र सिंह बिष्ट (उम्र 45 वर्ष), निवासी ग्राम चौरास, थाना कीर्तिनगर को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में आरोपी चालक ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह श्रीकोट क्षेत्र में प्राइवेट एंबुलेंस का संचालन करता है और मरीज ले जाने के नाम पर किसी को शक नहीं होता था। उसने स्वीकार किया कि वह अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रुद्रप्रयाग के पहाड़ी इलाकों से कम दाम में गांजा खरीदकर लाया था।

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आरोपी की योजना इस 90 किलो गांजे को श्रीनगर गढ़वाल, श्रीकोट और आसपास के शिक्षण संस्थानों व कस्बों में छात्र-छात्राओं तथा स्थानीय युवाओं को ऊंचे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की थी। श्रीनगर पुलिस अब आरोपी के साथी और उस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जहां से यह अवैध नशा खरीदा गया था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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पकड़े गए आरोपी रविंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में धारा 8/20/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि आरोपी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज हैं। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक पंकज तिवाड़ी, उपनिरीक्षक विजय शैलानी सहित कई मुस्तैद पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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