हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आस्थावन श्रद्धालुओं की जितनी आस्था मां गंगा पर है, मां मनसा देवी पर है या दूसरे तमाम मंदिरों पर, उतनी ही आस्था पिरान कलियर में मौजूद हजरत साबिर सहाब की दरगाह पर भी. हर साल पिरानकलियर में साबिर साहब की दरगाह पर उर्स मेले का आयोजन होता है। जिसमें उत्तराखंड से ही नहीं बल्कि देश-दुनिया के तमाम जायरीन आते हैं अपनी मन्नत मांगते हैं और चादर चढ़ाते हैं।
उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के रुड़की के पास पिरान कलियर गांव में हजरत मखदूम अलाउद्दीन अहमद ‘साबरी’ की दरगाह पर हर साल आयोजित होने वाला ये मशहूर मेला कौमी एकता की मिसाल है। दुनिया भर में ये सालाना उर्स सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। लिहाजा इस मेले के प्रबंधन पर सबकी नजर रहती है।
हरिद्वार जिला प्रशासन से लेकर सूबे की सरकार सालान उर्स की तैयारियों को लेकर कमर कसे रहती है। कही कई चूक न रह जाए इसे लेकर काफी मुस्तैद रहती है। बहरहाल हर साल सालान उर्स में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सरकार के मंत्री तक शिरकत करते हैं।
बहरहाल पिरयान कलियर में हजरत मखदूम अलाउद्दीन अहमद ‘साबरी’ की दरगाह पर मंगलवार से सालाना उर्स शुरू होने वाला है..इस साल उर्स का आगाज पर सबकी नजर रहेगी। राज्य के समाजकल्याण एवं अल्पसंख्यक मंत्रालय के मंत्री खजान दास की माने तो इस बार सालाना उर्स में पीएम से लेकर सीएम की तस्वीरें तो लगेंगी ही राष्ट्रध्वज भी लहराया जाएगा और साथ ही साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत भी सुनाई देगा। मतलब सालाना उर्स अपनी कौमी एकता की मिसाल में इस बार चार चांद लगा देगा।

