Haridwar: अवधूत मण्डल आश्रम में जुटे दिग्गज, संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को दिया समर्थन

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हरिद्वार। हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को देश हित में अत्यंत आवश्यक करार दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके साथ सुर में सुर मिलाकर इस संवैधानिक बदलाव का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने बार-बार होने वाले चुनावों को देश के विकास में बाधा बताते हुए संत समाज से जन-जागरण का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि लगातार चुनावों से देश की प्रगति धीमी पड़ती है। बार-बार चुनाव होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई बाधित होती है और पूरी प्रशासनिक मशीनरी चुनाव कराने में व्यस्त हो जाती है। यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाएं तो राष्ट्रीय समय और संसाधनों की भारी बचत होगी तथा प्रशासन का ध्यान विकास पर केंद्रित रहेगा।

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अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे स्वरूप का समर्थन करने की भी भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम किसी पार्टी या समुदाय का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब भारत का संत समाज इसके पक्ष में आवाज उठाएगा और जन-जागरण करेगा, तो कोई भी वंदे मातरम के पूरे गान का विरोध करने का साहस नहीं कर सकेगा।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ कोई राजनीतिक विषय नहीं है, बल्कि यह सुशासन, राष्ट्रहित और जनकल्याण से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव यहां पर्व की तरह हैं। हालांकि, हर समय चुनावी माहौल रहने से शासन व्यवस्था और बुनियादी विकास कार्यों की रफ्तार पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाकर ऐतिहासिक पहल की है। ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकास की निरंतरता बेहद जरूरी है। भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, इसलिए शासन का अधिकतम समय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगना चाहिए।

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मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं से इस राष्ट्रीय विषय पर समाज को सही दिशा दिखाने का विनम्र आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में संतों ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश का लोकतंत्र मजबूत रहे, विकास की रफ्तार न थमे, हमारी संस्कृति सुरक्षित रहे और राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि रहे।

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