देहरादून। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र बनबसा के एनएचपीसी सभागार में रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक बैठक में कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। राजधानी देहरादून से बाहर पहली बार आयोजित इस कैबिनेट बैठक में वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों व कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने, डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने और युवाओं के लिए कई बड़ी योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है
प्रदेश सरकार के इन बड़े फैसलों के तहत नैनीताल जिले के नगर पंचायत लालकुआं और देहरादून के परगना जौनसार-बावर क्षेत्र के हजारों लोगों को पट्टे व कब्जा भूमि पर विनियमितीकरण का सीधा लाभ मिलेगा। यह विनियमितीकरण पहले वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए विस्तारित किया जाएगा और उसके पश्चात प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार लागू किया जाएगा।
युवाओं में रोजगार की क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना’ को अपनी स्वीकृति दे दी है। इसके तहत राजकीय व निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों के कौशल विकास पर आगामी पांच वर्षों में कुल 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोस्ट्रेटर के मानदेय (स्टाइपेंड) में भी बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, प्रदेश में जमीनों की खरीद-फरोख्त को पारदर्शी बनाने के लिए रजिस्ट्री के वक्त क्रेता-विक्रेता और अन्य पक्षकारों के पैन नंबर के अनिवार्य सत्यापन की नई व्यवस्था को भी लागू किया गया है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य प्रमुख निर्णयों के तहत टिहरी जिले की नरेंद्रनगर तहसील में 133 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए नए उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जबकि 1873 के पुराने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरस्त कर उसकी जगह ‘उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक 2026’ को विधानसभा के पटल पर रखने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही, पशुपालन, दुग्ध विकास व मत्स्य विभाग में समन्वय और निगरानी के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने के अलावा उप कारापाल के पद पर शारीरिक और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कैबिनेट की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित न रहकर राज्य के विभिन्न जनपदों में आयोजित की जाएंगी, ताकि क्षेत्रीय समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके, और इस बैठक में पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तारीकरण तथा सतर्कता अधिष्ठान के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दे दी गई है।

