देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड के विकास, रोजगार, आधारभूत संरचना और जन-कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी है। मीडिया को ब्रीफिंग देते हुए महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, न्यायिक तंत्र और औद्योगिक निवेश को नई दिशा मिलेगी।
हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए 30 हेक्टेयर भूमि मंजूर
मंत्रिमंडल ने न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित होगा गंगा एक्सप्रेस-वे
धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच एमओयू होगा। इसके तहत गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा, मिलेगी 90% तक सब्सिडी
राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना में अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी शामिल कर लिया गया है। लाभार्थी अब गाय के साथ भैंस भी खरीद सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। एससी/एसटी को 90% और सामान्य वर्ग को 60% सब्सिडी मिलेगी, जिससे 2,128 पशुपालक सीधे लाभान्वित होंगे।
श्रम सुधार: ‘मजदूरी संहिता नियमावली 2026’ लागू
श्रमिक हित में ‘उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ओवर टाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की 7 तारीख तक डिजिटल वेतन और महिलाओं को पुरुषों के समान वेतन देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ‘औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026’ को भी लागू कर दिया गया है।
खेल विश्वविद्यालय के लिए 122 पद मंजूर
गौलापार (हल्द्वानी) स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों सहित आउटसोर्सिंग के माध्यम से आवश्यक पदों को मंजूरी दी गई है। वहीं, समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली 2026 लागू की गई है।
अन्य प्रमुख फैसले
वन विकास निगम में पारदर्शिता लाने के लिए स्केलर पदों की भर्ती हेतु 100 अंकों की लिखित परीक्षा के संबंध में सेवा विनियमावली में संशोधन किया गया है। इसके साथ ही ईको टूरिज्म की उच्चाधिकार प्राप्त समिति का पुनर्गठन करते हुए इसमें वन अधिकारियों को शामिल किया गया है।
पेयजल क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने से जुड़े भारत सरकार के प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है। वहीं सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सहकारी समिति नियमावली से कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण नियमों को हटा दिया गया है, साथ ही बंगाली समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष समिति में उनके प्रतिनिधियों के नामांकन की व्यवस्था की जाएगी।

