पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विवादास्पद वीडियो ने राजनयिक स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। ट्रंप ने रूढ़िवादी लेखक माइकल सैवेज का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं और उन्हें ‘धरती का नरक’ बताया गया था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है, वहीं भारत सरकार ने इन टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करते हुए अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
अमेरिकी दूतावास की सफाई
विवाद बढ़ता देख अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भारत को एक ‘महान देश’ मानते हैं और उन्होंने हमेशा भारत के बारे में बहुत गर्मजोशी से बात की है। दूतावास ने यह भी याद दिलाया कि ट्रंप की भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहरी निजी दोस्ती है, ताकि साझा किए गए वीडियो से संबंधों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
भारत सरकार का कड़ा रुख
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप द्वारा साझा की गई टिप्पणियों को ‘घटिया’, ‘अनुचित’ और ‘अज्ञानतापूर्ण’ करार दिया है। भारत ने स्पष्ट किया कि ऐसी टिप्पणियां भारत और अमेरिका के बीच के वास्तविक संबंधों को नहीं दर्शातीं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों की मजबूती पर टिके हुए हैं।
विवाद की मुख्य जड़
यह पूरा विवाद माइकल सैवेज के उस वीडियो से शुरू हुआ जिसे ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। इस वीडियो में मुख्य रूप से ‘जन्म के आधार पर नागरिकता’ देने के नियम की आलोचना की गई थी, लेकिन इसी दौरान भारत और चीन समेत कई देशों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसे भारत ने पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।

