ऋषिकेश से श्रीनगर के बीच गंगा नदी पर बनेंगे तीन नए पुल, कम हो जाएगी 50 किमी दूरी

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गंगा घाटी में ऋषिकेश से श्रीनगर के बीच यातायात और स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तीन नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। देहरादून से मुख्य संवाददाता के अनुसार, यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव चारधाम रूट पर पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार की गई इस योजना के तहत ये पुल ऋषिकेश के पास कोटीमाला, कौड़ियाला के पास सिंगटाली और देवप्रयाग व श्रीनगर के बीच सीतासैंण नामक स्थानों पर बनाए जाएंगे। इन सभी पुलों के लिए स्थानों का चयन पूरा कर लिया गया है, जिनमें से प्रत्येक पुल की लंबाई नदी के ऊपर करीब 150 मीटर तक होगी और वर्तमान में लोनिवि के एचओडी राजेश शर्मा के अनुसार इन तीनों पुलों की डीपीआर और डिजाइनिंग का काम तेजी से चल रहा है।

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इस पूरी परियोजना में सिंगटाली के पास बनने वाला पुल बेहद खास माना जा रहा है, जो मुख्य रूप से गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बीच की भौगोलिक दूरी को काफी कम कर देगा। करीब 57 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले इस पुल के बन जाने से गढ़वाल और कुमाऊं के बीच का सफर लगभग 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगा।

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यह पुल टिहरी जिले के कौड़ियाला और पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र को आपस में जोड़ते हुए सीधे कुमाऊं की तरफ बढ़ने के लिए एक सुगम कॉरिडोर का काम करेगा, जिससे ऋषिकेश व आसपास के क्षेत्रों में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक सिंगटाली के रास्ते सीधे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क रामनगर तक की यात्रा आसानी से तय कर सकेंगे।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन पुलों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य टिहरी और पौड़ी के विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की आपसी कनेक्टिविटी को पहले से बेहतर और सुदृढ़ बनाना है। इसके साथ ही, इन पुलों के माध्यम से भविष्य में चारधाम यात्रा के लिए बेहतरीन वैकल्पिक रूट भी तैयार किए जा सकेंगे, जो यात्रा के दौरान ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मददगार साबित होंगे।

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गंगा नदी के ऊपर बनने वाले ये आकर्षक और आधुनिक पुल न केवल परिवहन के साधन होंगे, बल्कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे, जिससे चारधाम यात्रियों को अपने सफर के दौरान एक बेहद खूबसूरत और नया अहसास मिलेगा।

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