उत्तराखंड में घरेलू सोलर प्लांट वालों को करारा झटका: अब ₹2 के हिसाब से होगा भुगतान

ख़बर शेयर करें

घरेलू सोलर प्लांट वालों को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने करारा झटका दिया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अगस्त 2025 के बाद घरों में लगे रूफ टॉप सोलर प्लांट की कमाई में कटौती कर दी गई है। 2025 के बाद लगे घरेलू सोलर प्लांट वालों की तैयार बिजली सिर्फ दो रूपए के हिसाब से खरीदी जाएगी। पहले सभी घरेलू सोलर प्लांट पर 4 रूपए 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से उपभोक्ता को भुगतान होता था। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने नए टैरिफ आदेश जारी कर दिए हैं।

हालांकि अगस्त 2025 से पहले पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगे घरेलू सोलर प्लांट वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह 4रूपए 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान होता रहेगा। नया टेरिफ रेट अगस्त 2025 के बाद लगने वाले प्लांट पर लागू होगा।

यह भी पढ़ें -  चारधाम यात्रा पर फेक वीडियो और अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, दून DM ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

विद्युत नियामक आयोग ने बड़े प्लांट की आमदनी पर भी कैंची चलाई। जमीन पर लगने वाले बड़े सोलर पावर प्लांट के कमाई में 21 पैसे की कटौती की गई है। पहले 4रूपए 31 पैसे प्रतियूनिट के हिसाब से बिजली खरीदी जाती थी अब 4रूपए 10पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान होगा।

वहीं कैनाल टॉप सोलर प्लांट की दर 4 रूपए 48 पैसे से घटाकर 4 रूपए 20 पैसे कर दी गई है। बहरहाल पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखंड अव्वल है। इसके लिए केद्र सरकार ने उत्तराखंड की पीठ भी थपथपाई है और सम्मान से भी नवाजा है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने यूपीसीएल के एम डी अनिल कुमार को सम्मानित भी किया था।

यह भी पढ़ें -  टिहरी झील को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने का महाप्लान तैयार: मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

UPCL उपभोक्ताओं को लौटाएगा28 करोड़ रुपये

देहरादून से मुख्य संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने ऊर्जा निगम पर कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि उसे समय पर बिजली कनेक्शन न देने के एवज में 62,610 उपभोक्ताओं को ₹28 करोड़ लौटाने ही होंगे।

ऊर्जा निगम ने पिछले 15 वर्षों में इन हजारों आवेदकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराए थे, जिसके चलते उस पर कुल ₹30 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया था। इस जुर्माने की राशि में से निगम ने केवल ₹2 करोड़ ही जमा किए हैं और वह शेष बकाया का भुगतान करने के बजाय आयोग में बार-बार अपील दायर कर जुर्माना माफ करने की गुहार लगा रहा था।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में 'MY BHARAT' के युवाओं ने संभाली सीमावर्ती गांवों के विकास की कमान

विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा है कि उपभोक्ताओं को समय पर कनेक्शन देना ऊर्जा निगम का नैतिक और कानूनी दायित्व है, और लेट कनेक्शन देने पर तय जुर्माने व मुआवजे का भुगतान हर हाल में करना ही होगा। आयोग ने निगम को मामले में बार-बार तारीख पर तारीख मांगने की प्रवृत्ति छोड़कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को उनका हक जल्द से जल्द मिल सके।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad