उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज प्रदेश के समस्त नगर निगमों के विकास कार्यों की प्रगति और भावी योजनाओं को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को गति देना और स्थानीय नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों के सम्मानित महापौर गणों के साथ उनके कार्यक्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और चल रहे विकास प्रोजेक्ट्स पर बेहद विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी महापौरों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी हकीकत, जन-आकांक्षाओं और विकास से जुड़े बहुमूल्य सुझाव साझा किए, साथ ही प्रशासनिक और व्यावहारिक समस्याओं को भी प्रमुखता से सामने रखा, जिन्हें गंभीरतापूर्वक सुना गया।

बैठक में मौजूद नगर निगमों के आयुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए कि प्रदेश के प्रत्येक नगर निगम के हर एक वार्ड में रहने वाली जनता की मूलभूत समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
अधिकारियों से साफ तौर पर कहा गया है कि आम जनता को रोजमर्रा की जिंदगी में सड़क, स्वच्छ पेयजल, सुचारू विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण जैसी अनिवार्य सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। इन सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका यथाशीघ्र और स्थाई निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही, शासन-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नगर निगमों के प्रत्येक वार्ड में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा और माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सही दिशा में प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। इन योजनाओं का लाभ हर एक पात्र और जरूरतमंद क्षेत्रीय जनता तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का भी सर्वांगीण विकास हो सके।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न शहरों के प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल, हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट, रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, हरिद्वार की महापौर किरन जैसल, कोटद्वार के महापौर शैलेंद्र रावत, रुड़की की महापौर अनीता ललित अग्रवाल और श्रीनगर गढ़वाल की महापौर आरती भंडारी मुख्य रूप से शामिल थीं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों के विकास का संकल्प दोहराया।

