देहरादून। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने सोमवार को चमोली जिले के जिला सभागार गोपेश्वर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे की समीक्षा बैठक की। इस दौरान रेस्क्यू अभियान की प्रगति, संसाधनों की उपलब्धता और प्रभावित श्रमिकों के हितों को लेकर सभी संबंधित एजेंसियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस टनल हादसे से कुल 22 श्रमिक प्रभावित हुए हैं। राहत टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 श्रमिकों को सुरंग से सकुशल बाहर निकाल लिया है, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।
घायलों के स्वास्थ्य बुलेटिन की जानकारी देते हुए बताया गया कि 7 श्रमिकों का इलाज जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है, जबकि 1 गंभीर घायल को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है। हादसे में अब तक 8 श्रमिकों की दुखद मृत्यु हो चुकी है, वहीं 2 लापता श्रमिकों की खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने लापता श्रमिकों की तलाश के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत कार्य में जुटी सभी एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाने और उपलब्ध संसाधनों का पूरी क्षमता के साथ उपयोग करने को कहा।
रेस्क्यू में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए टनल के अंदर से तीन बड़ी मशीनें हटाई जा चुकी हैं, जबकि एक एक्सकेवेटर और डम्पर को हटाने का काम चल रहा है। आयुक्त ने बची हुई मशीनरी को जल्द हटाकर टनल के भीतर सर्च अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने आरवीएनएल के साथ समन्वय स्थापित कर टीएचडीसी को रेस्क्यू ऑपरेशन में हर संभव मदद और तकनीकी संसाधन मुहैया कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी एजेंसियां किसी भी विभागीय देरी को भूलकर राहत अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
हादसे के बाद श्रमिकों के वित्तीय व कानूनी अधिकारों की सुरक्षा पर जोर देते हुए आयुक्त ने श्रम अधिकारी को टीएचडीसी परियोजना में कार्यरत सभी श्रमिकों के पीएफ अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने श्रम अधिकारी को स्पष्ट जांच रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सौंपने के आदेश दिए हैं, ताकि इस रिपोर्ट को श्रम आयुक्त को भी भेजा जा सके। बैठक में जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित टीएचडीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

