भारत निर्वाचन आयोग जल्द ही उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब सहित देश के शेष 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य आरंभ करने जा रहा है। पहले यह प्रक्रिया अप्रैल माह में शुरू होनी थी, लेकिन बंगाल और केरल जैसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में आयोग की व्यस्तता के कारण इसे चुनाव संपन्न होने तक टाल दिया गया था। अब आयोग द्वारा अगले सप्ताह तक इसकी आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है, जिससे इन राज्यों में मतदाता सूचियों को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिहीन बनाया जा सके।
निर्वाचन आयोग की तैयारियां और मैपिंग का कार्य
निर्वाचन आयोग ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां बहुत पहले ही शुरू कर दी थीं, जिसके तहत फरवरी 2026 में ही सभी संबंधित राज्यों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए थे। इस पुनरीक्षण कार्य को अधिक सरल और सटीक बनाने के लिए आयोग ने मौजूदा मतदाता सूची को पिछले एसआईआर डेटा के आधार पर मैपिंग करने का विशेष कार्य पूरा कर लिया है। आयोग का मानना है कि इस डिजिटल मैपिंग से पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने और पुरानी गलतियों को सुधारने में काफी आसानी होगी।
पुनरीक्षण कार्य की वर्तमान स्थिति और अब तक की सफलता
निर्वाचन आयोग अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के 13 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर चुका है। इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आयोग एसआईआर के बाद तैयार हुई नई मतदाता सूचियों के आधार पर अब तक छह राज्यों में विधानसभा चुनाव भी संपन्न करा चुका है। शेष बचे राज्यों में इस कार्य के पूरा होते ही पूरे देश में एक पारदर्शी और अपडेटेड मतदाता डेटाबेस तैयार हो जाएगा, जो आगामी चुनावों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

