उत्तराखंड के रुद्रपुर क्षेत्र से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ रसोई गैस सिलेंडर न मिलने के कारण हुए पारिवारिक विवाद ने एक युवक की जान ले ली। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की भारी किल्लत चल रही है, जिसके कारण आम जनता को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी किल्लत के चलते गदरपुर के पिपलिया नंबर एक में रहने वाले 29 वर्षीय किशन विश्वास का अपनी पत्नी के साथ विवाद हो गया। सिलेंडर खत्म होने और काफी कोशिशों के बाद भी उसका इंतजाम न हो पाने के कारण उपजे मानसिक तनाव में आकर युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है।
किल्लत और पारिवारिक विवाद का कारण
पश्चिम एशिया के हालातों और अन्य कारणों से रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर गैस की भारी कमी हो गई है। मृतक किशन के घर में दो दिन पहले सिलेंडर खत्म हुआ था, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच बार-बार नोकझोंक हो रही थी। बुधवार रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि किशन ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह प्रथमदृष्टया पारिवारिक कलह का मामला है जो संसाधनों की कमी के कारण उपजा।
गैस एजेंसी पर हंगामा और मैनेजर का आत्मघाती प्रयास
गैस की कमी का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका तनाव गैस एजेंसियों पर भी देखने को मिल रहा है। श्रीनगर क्षेत्र में गैस की सीमित आपूर्ति के बीच गोदाम पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे एजेंसी कर्मियों और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसी तनाव के बीच स्थानीय गैस एजेंसी के मैनेजर ने भी कांच से हाथ की नस काटकर खुद को जख्मी कर लिया, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र के लोग पिछले कई दिनों से बाधित आपूर्ति से परेशान हैं।

