ऋषिकेश में आयोजित एम्स (AIIMS) के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनियुक्त डॉक्टरों और उपाधिधारकों को संबोधित किया। सीएम ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा करने का सबसे उत्तम मार्ग है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को याद दिलाया कि आज से उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है, जिसमें समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने डॉक्टरों से अपनी इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाने का आह्वान किया।
एम्स ऋषिकेश: प्रदेश का महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संस्थान
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विजन को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश आज उत्तराखंड के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। इस संस्थान में अब कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे जटिल रोगों के इलाज के लिए प्रदेशवासियों को बाहर नहीं जाना पड़ता।
कुमाऊं क्षेत्र के लिए सैटेलाइट सेंटर का तोहफा
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर बात करते हुए सीएम ने बताया कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। इस सेंटर के शुरू होने से कुमाऊं क्षेत्र की जनता को अपने ही इलाके में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा और उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़े कदम उठा रही है। सीएम धामी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्य बिंदु साझा किए:
- हर जिले में मेडिकल कॉलेज: प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का लक्ष्य।
- टेलीमेडिसिन और जन औषधि: दूरदराज के इलाकों के लिए टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार और सस्ती दवाओं के लिए जन औषधि केंद्रों को बढ़ावा देना।
- निशुल्क जांच: आम जनता के लिए निशुल्क पैथोलॉजिकल जांच जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना।

