Uttarakhand: में समावेशी शिक्षा मिशन 2030 शुरू, तस्वीरों और वीडियो से पढ़ेंगे दिव्यांग छात्र

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में ‘शाइन अभी लर्निंग समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ का भव्य शुभारंभ किया। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सीएम धामी ने 150 से अधिक विजुअल लर्निंग आधारित पुस्तकें और विशेष शिक्षण संसाधन जारी किए, जिससे प्रदेश के दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले छात्रों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

‘ब्रिजिंग लर्निंग गैप्स थ्रू विजुअल लर्निंग एंड अर्ली इंटरवेंशन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं है। असली शिक्षा वही है जो बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने, आत्मनिर्भर बनने और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को समझने के योग्य बनाए।

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इस नए मिशन के तहत दिव्यांग छात्रों को ‘विजुअल लर्निंग करिकुलम‘ से जोड़ा जाएगा। इसमें तस्वीरों, ग्राफ, चार्ट और वीडियो जैसे दृश्य माध्यमों से बच्चों को सिखाने पर जोर रहेगा, ताकि वे जटिल से जटिल विषयों को भी आसानी से समझ सकें।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य में हर बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप समान अवसर मिलना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय और डिजिटल शिक्षण सामग्री को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समावेशी संस्कृति है, जहां व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी परिस्थितियों से नहीं बल्कि उसके विचारों से होता है।

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कार्यक्रम में पब्लिकेशन की संस्थापक अनीता शर्मा ने बताया कि इस पाठ्यक्रम का मकसद विशेष जरूरत वाले बच्चों को सरल और वैज्ञानिक शिक्षण सामग्री देना है, ताकि वे आत्मविश्वास से मुख्यधारा से जुड़ सकें। अनीता शर्मा 30 साल अमेरिका में रहने के बाद उत्तराखंड लौटकर शिक्षा में नवाचार कर रही हैं।

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वहीं, विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर दिव्यांग बच्चे भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। कार्यक्रम में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, सेतु आयोग के निदेशक डॉ. मनोज पंत और एससीईआरटी निदेशक बंदना गर्ब्याल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व शिक्षाविद मौजूद रहे।

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