देहरादून के बाहरी इलाकों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे पेयजल और बिजली की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। कहीं सीवर लाइन की खुदाई के दौरान पाइप फटने से पानी की सप्लाई रुक गई है, तो कहीं बारिश के कारण बिजली के पोल टूटने से अंधेरा छाया हुआ है। सहस्रधारा, लाडपुर और नेहरूग्राम जैसे क्षेत्रों में स्थिति काफी चिंताजनक है, जहाँ लोग पिछले कई दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
सहस्रधारा के व्यापारियों की दोहरी मार
सहस्रधारा क्षेत्र के लगभग 250 व्यापारी पिछले एक महीने से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे उनका पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 16 सितंबर 2025 को आई आपदा के बाद इन व्यापारियों ने बड़ी मुश्किल से अपना कामकाज दोबारा शुरू किया था, लेकिन अब पानी की भारी कमी ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। वर्तमान में, सरकारी आपूर्ति न होने के कारण इन व्यापारियों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूरी तरह से प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पेयजल लाइनों की क्षति और गंदा पानी
क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है क्योंकि मलबे के कारण मुख्य जल स्रोत चोक हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप नलों में पानी की आपूर्ति न केवल कम हो गई है बल्कि आने वाला पानी भी काफी गंदा है। इसके अतिरिक्त, बालावाला और लोअर नेहरूग्राम में सीवर लाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिन्हें अब तक ठीक से नहीं जोड़ा जा सका है।
साथ ही, लाडपुर में लीकेज की समस्या और गढ़वाली कॉलोनी में सिंचाई गूल के पक्कीकरण कार्य के चलते भी पानी की सप्लाई लगातार बाधित हो रही है। जबकि प्रेमनगर और मालदेवता सहित कई इलाकों में बारिश के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। खंभे गिरने और तकनीकी खराबी के चलते स्थानीय निवासियों को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

